मेरे मन के भाव -26-May-2023
परिवर्तन तो भूल गए है हम, वक्त गुजरा है औऱ गुजरता चला जा रहा है। वो सदी बीत गई ये भी बीत जायेगी। वो लोग चले गए हम भी चले जायेंगे। नए लोग भी आयेंगे मगर बदलेगा कुछ नही। क्योकि सीता को इंतजार रहा राम का, यशोधरा को बुध्द का, रांझे को हीर का राधा को कृष्ण का औऱ मुझको तुम्हारा😔 हम नही बदलेंगे कभी नहीं। प्रेम के भाग्य दुर्भाग्य ही रहेगा। हर मोहल्ले के डाक बॉक्स का स्थान ले लेगी कचहरियां, सारे डाकघरों में लग जायेगा ताला, होगा कचहरियों का बोलबाला क्योकि कचहरियां चलती है नफरत से औऱ डाकघर प्रेम से । ये सब होगा इसीकारण कि मुझे इंतजार रहेगा तुम्हारा जैसे धरती को अम्बर का है। दुःख की बात ये है न तो धरती अम्बर से मिलेगी न मैं तुमसे औऱ धरती पर फैल जायेगी नफ़रत😥
Reena yadav
29-May-2023 04:18 PM
👍👍
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ऋषभ दिव्येन्द्र
27-May-2023 12:26 PM
वाह ्् भावपूर्ण रचना
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